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REET Level 1 Syllabus, Exam Pattern

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इस पोस्ट के माध्यम से राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) 2021 के लेवल प्रथम की परीक्षा का पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाया गया है जिसमे शिक्षा मनोविज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, गणित, भाषा प्रथम (हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी) एवं भाषा द्वितीय (हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी) का पाठ्यक्रम दिया गया है रीट परीक्षा मे बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र से 30 अंक के 30 प्रश्न पूछे जाएंगे, पर्यावरण अध्ययन से 30 अंक के 30 प्रश्न, गणित से 30 अंक के 30 प्रश्न, तथा भाषा प्रथम से 30 अंक के 30 प्रश्न, व भाषा द्वितीय से भी 30 अंक के 30 प्रश्न पूछे जाएंगें इस प्रकार रीट लेवल प्रथम मे 150 वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे जो 150 अंक के होंगे |

REET Level 1 Syllabus

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) पाठ्यक्रम एवं चयन प्रक्रिया
प्रश्न पत्र – प्रथम
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र
(कक्षा 1 से 5 तक) लेवल – I

  • बाल विकास: वृद्धि और विकास की संकल्पना, विकास के सिद्धान्त एवं आयाम, विकास को प्रभावित करने वाले तत्त्व (विषेषकर परिवार एवं विद्यालय के संदर्भ में) एवं अधिगम से उनका संबंध |
  • वंषक्रम एवं वातावरण की भूमिका
  • अधिगम का अर्थ एवं संकल्पना एवं प्रक्रियाये, अधिगम को प्रभावित करने वाले तत्त्व।
  • अधिगम के सिद्धान्त एवं इसके अभिप्रेत।
  • बालक में चिन्तन एवं अधिगम
  • अभिप्रेरणा एवं अधिगम
  • व्यक्तिगत विभिन्नताओं का अर्थ, प्रकार व व्यक्तिगत विभिन्नताओं को प्रभावित करने वाले कारक
  • व्यक्तित्व की संकल्पना, प्रकार व व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले तत्त्व व व्यक्तित्व मापन
  • बुद्धि: संकल्पना, सिद्धान्त एवं इसका मापन, बहुबुद्धि सिद्धांत एवं इसके निहितार्थ
  • विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: पिछड़े, विमन्दित, प्रतिभाषाली, सृजनशील वंचित एवं अलाभान्वित, विषेष-आवश्यकता वाले बच्चे एवं अधिगम अक्षमता युक्त बच्चे
  • अधिगम की कठिनाइयाँ
  • समायोजन की संकल्पना एवं तरीके, समायोजन में अध्यापक की भूमिका
  • शिक्षण अधिगम की प्रक्रियायें, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम की व्यूह रचनायें एवं विधियाँ।
  • आकलन, मापन एवं मूल्यांकन का अर्थ एवं उद्देश्य, समग्र एवं सतत् मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, सीखने के प्रतिफल।
  • क्रियात्मक अनुसन्धान
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 अध्यापकों की भूमिका एवं दायित्व।

पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) –

  • परिवार – आपसी संबंध, एकल एवं संयुक्त परिवार, सामाजिक बुराईयां (बाल विवाह, दहेज प्रथा, बालश्रम, चोरी), दुव्र्यसन (नषाखोरी, धूम्रपान) और इनके व्यक्तिगत, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणाम।
  • वस्त्र एवं आवास– विभिन्न ऋतुओं में पहने जाने वाले वस्त्र, घर पर वस्त्रों का रख-रखाव, हस्त करघा तथा पावरलूम, जीव जंतुओं के आवास, विभिन्न प्रकार के मानव आवास, आवास और निकटवर्ती स्थानों की स्वच्छता, आवास निर्माण हेतु विभिन्न प्रकार की सामग्री |
  • व्यवसाय – अपने परिवेष के व्यवसाय (कपड़े सिलना, बागवानी, कृषि कार्य, पशुपालन, सब्जीवाला आदि), लघु एवं कुटीर उद्योग, राजस्थान राज्य के प्रमुख उद्योग, एवं हस्तकलाएं, उपभोक्ता संरक्षण की आवष्यकता, सहकारी समितियांँ।
  • सार्वजनिक स्थल एवं संस्थाएँ – सार्वजनिक स्थल जैसे विद्यालय, चिकित्सालय, डाकघर, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेषन, सार्वजनिक संपत्ति (रोड लाइट, सड़क, बस, रेल, सरकारी इमारतें आदि); विद्युत और जल का अपव्यय; रोजगार नीतियाँ, संसद, विधानसभा, राजस्थान के जिले एवं राजस्थान में पंचायतीराज
  • हमारी सभ्यता और संस्कृति – राष्ट्रीय प्रतीक, राजस्थान मेले एवं त्यौहार, राष्ट्रीय पर्व, राजस्थान राज्य की वेषभूषा एवं आभूषण, खान-पान और राजस्थान की वास्तुकला; राजस्थान के पर्यटन स्थल; राजस्थान की प्रमुख विभूतियां एवं गौरव, राजस्थान की विरासत (प्रमुख दुर्ग, महल, स्मारक) राजस्थान की चित्रकला, राजस्थान की लोकोक्तियाँ, राजस्थान के लोकदेवता
  • परिवहन और संचार – यातायात और संचार के साधन , सड़क पर चलने और यातायात के नियम ; संचार साधनों का जीवन शैली पर प्रभाव, यातायात के संकेत
  • अपने शरीर की देख – भाल – शरीर के बाह्य अंग और उनकी साफ – सफाई , शरीर के आंतरिक तंत्रों की सामान्य जानकारी , संतुलित भोजन की जानकारी और इसका महत्व , सामान्य रोग ( आंत्रशोथ , अमीयोबायोसिस , मेटहीमोग्लोबिन , एनिमिया , फ्लुओरोसिस , मलेरिया , डेंगू ) उनके कारण और बचाव के उपाय , पल्स पोलियो अभियान ।
  • सजीव जगत – पादपों और जंतुओं के संगठन के स्तर, सजीवों में विविधता, राज्य पुष्प , राज्य वृक्ष , राज्य पक्षी , राज्य पशु : संरक्षित वन क्षेत्रों ( राष्ट्रीय उद्यान , अभयारण्य , बाघ संरक्षित क्षेत्र , विश्व धरोहर) की जानकारी ; पादपों तथा जंतुओं की जातियों का संरक्षण ; कृषि पद्धति
  • जल – जल, वन नमभूमि और मरुस्थल की मूलभूत जानकारी, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण एवं इनका नियंत्रण, जल के गुण, जल के श्रोत, जल-प्रबंधन, राजस्थान में कलात्मक जल श्रोत, पेयजल व सिंचाई स्रोत
  • हमारी पृथ्वी व अंतरिक्ष – सौर परिवार, भारत के अंतरिक्ष यात्री
  • पर्वतारोहण – पर्वतारोहण में कठिनाइयाँ एवं काम आने वाले औजार, भारत के प्रमुख महिला पर्वतारोही
  • पदार्थ एवं ऊर्जा पदार्थों के सामान्य गुण ( रंग , अवस्था , तन्यता , घुलनशीलता ) विभिन्न प्रकार के ईंधन , ऊर्जा के विभिन्न रूप और इनका एक दूसरे में रूपांतरण ; दैनिक जीवन में ऊर्जा के उपयोग , प्रकाश के स्रोत , प्रकाश के सामान्य गुण । वायु , जल , वन , नमभूमि और मरूस्थल की मूलभूत जानकारी ; विभिन्न प्रकार के प्रदूषण , राजस्थान के नवीकरणीय तथा अनवीकरणीय संसाधन और इनके संरक्षण की अवधारणा , मौसम और जलवायु ; जल चक्र
  • पर्यावरण अध्ययन के क्षेत्र एवं संकल्पना ।
  • पर्यावरण अध्ययन का महत्व , समाकलित पर्यावरण अध्ययन
  • पर्यावरण शिक्षा के अधिगम सिद्धान्त
  • पर्यावरण अध्ययन का विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के साथ अतसम्बन्ध एवं क्षेत्र
  • संकल्पना प्रस्तुतीकरण के उपागम क्रियाकलाप, प्रयोगात्मक / प्रायोगिक कार्य
  • चर्चा
  • समग्र एवं सतत मूल्यांकन
  • शिक्षण सामग्री / सहायक सामग्री
  • शिक्षण की समस्याएं
  • सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी

गणित (Mathematics) –

  • एक करोड़ तक की पूर्ण संख्याऐं , स्थानीय मान , तुलना , गणितीय मूल संक्रियाएँ – जोड़ , बाकी , गुणा , भाग ; भारतीय मुद्रा ।
  • भिन्न की अवधारणा , उचित भिन्ने , समान हर वाली उचित भिन्नों की तुलना , मिश्र भिन्ने , असमान हर वाली उचित भिन्नों की तुलना , भिन्नों की जोड़ बाकी , अभाज्य एवं संयुक्त संख्याएं , अभाज्य गुणनखण्ड , लघुत्तम समापवर्त्य , महत्त्म समापवर्तक ।
  • एकिक नियम , औसत , लाभ – हानि , सरल ब्याज ।
  • समतल व वक्रतल , समतल व ठोस ज्यामितिय आकृतियाँ ; समतल ज्यामितीय आकृतियों की विशेषतायें ; बिन्दु , रेखा , किरण , रेखाखण्ड ; कोण एवं उनके प्रकार । लम्बाई , भार , धारिता , समय , क्षेत्रमापन एवं इनकी मानक इकाइयां एवं उनमें संबंध ; वर्गाकार तथा आयतकार वस्तुओं के पृष्ठ तल का क्षेत्रफल एवं परिमाप ।
  • गणित की प्रकृति एवं तर्क शक्ति , पाठ्यक्रम में गणित की महत्ता , गणित की भाषा , सामुदायिक गणित, आंकड़ों का प्रबंधन
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक विधियों द्वारा मूल्यांकन , शिक्षण की समस्याएँ , त्रुटि विश्लेषण एवं शिक्षण एवं अधिगम से संबंधित , निदानात्मक एवं उपराचात्मक शिक्षण

भाषा – 1 (हिन्दी)

  • एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित व्याकरण संबंधी प्रश्न :- पर्यायवाची विलोम, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, शब्दार्थ, शब्द शुद्धि, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, अव्यय ।
  • एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रश्न :- रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करना , वचन , काल , लिंग ज्ञात करना । दिए गए शब्दों का वचन काल और लिंग बदलना ।
  • वाक्य रचना , वाक्य के अंग , वाक्य के प्रकार , पदबंध , मुहावरे और लोकोक्तियाँ, विराम चिन्ह ।
  • भाषा की शिक्षण विधि , भाषा शिक्षण के उपागम , भाषा दक्षता का विकास ।
  • भाषायी कौशलों का विकास ( सुनना , बोलना , पढ़ना , लिखना ) हिंदी भाषा शिक्षण में चुनौतियाँ , शिक्षण अधिगम सामग्री , पाठ्य पुस्तक , बहु – माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन ।
  • भाषा शिक्षण में मूल्यांकन , उपलब्धि परीक्षण का निर्माण समग्र एवं सतत् मूल्यांकन , उपचारात्मक शिक्षण ।

भाषा – 1 अंग्रेजी

  • Unseen Prose Passage – Synonyms, Antonyms, Spellings, Word-formation, One Word Substitution
  • Unseen Prose Passage – Parts of Speech, Tenses, Determiners, Change of Degrees
  • Framing Questions Including Wh-questions, Active and Passive Voice, Knowledge of English Sounds and Phonetic Symbols
  • Principles of Teaching English, Methods and Approaches to English Language Teaching
  • Development of Language Skills, Teaching Learning Materials: Text books, Multi- Media Materials and other Resources
  • Comprehensive & Continuous Evaluation, Evaluating Language Proficiency

भाषा – 1 (संस्कृत) –

  • एकम् अपठित गद्यांशम् आधारीकृत्य निम्नलिखित – व्याकरण – सम्बन्धिनः प्रश्नाः :- शब्दरूप – धातुरूप – कारक – विभक्ति – उपसर्ग – प्रत्यय – सन्धि – समास – सर्वनाम – विशेषण, संख्याज्ञानम, महेश्वर सुत्राणी अव्ययेषु प्रश्नाः ।
  • एकम् अपठितं गद्यांशम् राजस्थानस्य इतिहास-कलां-संस्कृति आदिनाम आधारीकृत्य निम्नलिखित – बिन्दुसम्बन्धिनः प्रश्नाः , रेखाङ्कितपदेषु क्रियापद – चयन – वचन – लकार – लिङ्ग – ज्ञान – प्रश्नाः , विलोमशब्द – लकारपरिवर्तन ( लट् – लड् . – लुट – लोट – विधिलिङ्लकारेषु )
  • संस्कृतानुवादः , वाच्यपरिवर्तनम् ( लट् – लकारस्य ) वाक्येषु – प्रश्ननिर्माणम् , अशुद्धिसंशोधनम् , संस्कृतसूक्तयः । ( i )संस्कृतभाषा – शिक्षण – विधयः । ( ii ) संस्कृतभाषा – शिक्षण – सिद्धान्ताः ।
  • संस्कृतभाषाकौशलस्य विकासः , ( श्रवणम् , सम्भाषणम् , पठनम् , लेखनम् ) ।
  • संस्कृताध्यापनस्य अधिगमसाधनानि , पाठ्यपुस्तकानि , संप्रेषणस्य साधनानि ।
  • संस्कृतभाषा – शिक्षणस्य मूल्याङ्कन – सम्बन्धिनः प्रश्नाः , मौखिक – लिखितप्रश्नानां प्रकाराः , सततमूल्याङ्कनम् , उपचारात्मकशिक्षणम् ।

भाषा – 2 (हिन्दी)

  • एक अपठित गद्यांश आधारित निम्नलिखित व्याकरण संबंधी प्रश्न :- शब्द ज्ञान , तत्सम , तद्भव , देशज , विदेशी शब्द । उपसर्ग , प्रत्यय , संधि , समास , संज्ञा , सर्वनाम , विशेषण , क्रिया , लिंग , वचन , काल |
  • एक अपठित पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रश्न :- भाव सौंदर्य, विचार सौंदर्य, नाद सौंदर्य, शिल्प सौंदर्य, जीवन दृष्टि
  • वाक्य रचना , वाक्य के अंग , वाक्य के भेद , पदबंध , मुहावरे , लोकोक्तियाँ । कारक चिह्न , अव्यय ।
  • भाषा शिक्षण विधि , भाषा शिक्षण के उपागम , भाषायी दक्षता का विकास ।
  • भाषायी कौशलों का विकास ( सुनना , बोलना , पढ़ना , लिखना ) शिक्षण अधिगम सामग्री – पाठ्य पुस्तक , बहु – माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन ।
  • भाषा शिक्षण में मूल्यांकन , ( सुनना , बोलना , पढ़ना , लिखना ) उपलब्धि परीक्षण का निर्माण समग्र एवं सतत् मूल्यांकन । उपचारात्मक शिक्षण ।

भाषा – 2 (अंग्रेजी) –

  • Unseen Prose Passage – Linking Devices, Subject-Verb Concord, Inferences
  • Unseen Poem – Identification of Alliteration, Simile, Metaphor Personification, Assonance, Rhyme
  • Modal Auxiliaries, Phrasal Verbs and Idioms, Literary Terms: Elegy, Sonnet, Short Story, Drama
  • Basic knowledge of English Sounds and their Phonetic Transcription
  • Principles of Teaching English, Communicative Approach to English Language Teaching, Challenges of Teaching English: Language Difficulties, Errors and Disorders
  • Methods of Evaluation, Remedial Teaching

भाषा – 2 (संस्कृत) –

  • एकम् अपठित गद्यांशम् आधारीकृत्य निम्नलिखित – व्याकरण सम्बन्धिनः प्रश्नाः :- शब्दरूप – धातुरूप – कारक – विभक्ति – उपसर्ग – प्रत्यय – सन्धि – समास – लकार – सर्वनाम विशेष्य – विशेषण – लिङ्ग – अव्ययेषु प्रश्नाः ।
  • एकम् अपठितं पद्यांशं वा श्लोकम् आधारीकृत्य निम्नलिखित – बिन्दुसम्बन्धिनः व्याकरण प्रश्नाः :- सन्धि – समास – कारक – प्रत्यय – छन्द – लकारसम्बन्धिनः प्रश्नाः । विशेष्य – विशेषण – लिङ्गसम्बन्धिनः प्रश्नाः ।
  • संस्कृतानुवादः , स्वर – व्यंजन – उच्चारणस्थानानि , वाच्यपरिवर्तनम् ( लट्लकारे ), अशुद्धिसंशोधनम् , संस्कृतसूक्तयः ।
  • ( 1 ) संस्कृतभाषा – शिक्षण – विधयः । ( ii ) संस्कृतभाषा – शिक्षण – सिद्धान्ताः । ( iii ) संस्कृतशिक्षणाभिरुचिप्रश्नाः ।
  • संस्कृतभाषाकौशलस्य विकासः ( श्रवणम् , सम्भाषणम् , पठनम् , लेखनम् )
  • संस्कृतशिक्षणे समस्तसंप्रेषणस्य साधनानि , संस्कृतशिक्षणे – अधिगमसाधनानि , संस्कृतपाठ्यपुस्तकानि ।
  • संस्कृतभाषाशिक्षणस्य मूल्याङ्कनसम्बन्धिनः प्रश्नाः ।
  • मौखिक – लिखितप्रश्नानां प्रकाराः , सततमूल्याङ्कनम् , उपचारात्मक – शिक्षणम् ।
REET Level 1 Syllabus

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